खुश होते हैं गिद्ध
लाशों के ढेर देखकर
ऊंची आवाज में बोलते हैं भेड़िये
मांस के लोथड़े देखकर
सिर्फ जीत के लिए
नहीं होते युद्ध
गिद्धों व भेड़ियों की खाल में छिपे
इंसानों की भूख शांत करने को
रचे जाते हैं युद्ध
मरने का भय दिखाकर
शांति का झूठा फैलाकर
लाखों लाशें बिछाने के लिए
लड़े जाते हैं युद्ध
अहंकार की तृप्ति के लिए
गढ़े जाते हैं युद्ध
दौलत कमाने के लिए
लड़े जाते हैं युद्ध